What is AIDS and Full Form - एड्स इसके लक्षण और बचाव की पूरी जानकारी


इस लेख में हम पढेंगे एड्स (HIV-AIDS Ka Full Form) के बारे में यह क्या होता है, क्यों होता है, AIDS होने के क्या लक्षण है या कैसे पता करें किसी को AIDS हुआ है. AIDS का English में पूरा नाम यानि Full Form English में है “Acquired Immuno Deficiency Syndrome” और हिंदी में इसे “उपार्जित प्रतिरक्षी न्यूनता संलक्षण” कहते है. अगर किसी को एड्स हो जाता है तो उस व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और उसे किसी भी तरह की छोटी-मोटी बीमारी आसानी से हो जाती है. आगे HIV और AIDS के बार और जानकारी पढेंगे पर उससे पहले हम विषाणु या वायरस को समझते है क्योंकि HIV एक तरह का वायरस है और इसी के कारण एड्स होता है तो चलिए शुरू करते है.

संक्रामक रोग क्या है और विषाणु या वायरस जनित रोग किसे कहते है:

पानी, वायु, भोजन, दूध, वायरस तथा बेक्टीरिया से व्यक्ति में होने वाले रोग संक्रामक रोग कहलाते है ! ये सूक्ष्म संक्रामक विषाणु होते है ! इनमे सजीव तथा निर्जीव दोनों प्रकार के गुण पाए जाते है ! इनका जेनेटिक मेटेरियल D.N.A अथवा R.N.A से बना होता है ये निम्न रोग फेलाते है-
Question: A.I.D.S किसे कहते है.
Answer: जन्म के बाद प्रतिरोधक क्षमता के हास् के कारण उत्पन्न लक्षणों को एड्स कहते है!
Question: एड्स का जन्म कहाँ हुआ था
Answer: अफ्रीका में हुआ था.

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Effect of HIV on Body – HIV का शरीर पर आक्रमण:

HIV का पूरा नाम English में (Human Immunodeficiency Virus) है. जब भी HIV एचआईवी किसी शरीर में प्रवेश करता है तो यह सीधे ही कोशिका पर आक्रमण करता है. यह एक विषाणु है यानि Virus है. इस वायरस का RNA रिवर्स ट्रान्सक्रीप्टेज एंजाइम की सहायता से DNA में परिवर्तित हो जाता है. DNA युक्त विषाणु कोशिका के DNA के साथ संयुक्त हो जाता है, जहाँ यह लगातार विभाजन होता रहता है और यह प्रतिरक्षण में अपना रूप बदलता रहता है, इसे बहुरुपिया वायरस (रिट्रोवायरस) भी कहते है ! इसलिए लिम्फोसाइट्स इसे पहचान नहीं पाती, अतल यह नष्ट नहीं हो पता है.
धीरे-धीरे कई हेल्पर T कोशिकाये HIV के प्रभाव में आने लगती है और व्यक्ति के शरीर की रोग लड़ने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लग जाती है अब शरीर की हालत ऐसी हो जाती है की वो सामान्य रोगों के जीवाणु से भी अपना बचाव नहीं कर पाता एवं उसे तरह-तरह के रोगों जैसे तपेदिक, कैंसर, निमोनिया, डायरिया, आदि रोग लग जाते है.

एड्स फेलने के क्या-क्या कारण है.

1. असुरक्षित यौन सम्पर्क
2. असुरक्षित रक्त या रक्त उत्पाद
3. संक्रमित सुई या सीरिज से
4. HIV संक्रमित माँ से शिशु को
- एड्स रोग में रोग प्रतिरोधक क्षमता नष्ट हो जाती है जिससे किसी भी रोग के विषाणु या जीवाणु आसानी से रोग पैदा कर देते है, रोगी का शरीर जगह-जगह से फुल जाता है और खून का संचार अव्यवस्थित हो जाता है इस कारण से रोगी की मौत हो जाती है?

एड्स के परिक्षण – Experiments of AIDS in Hindi:

एलिसा परिक्षण, वेस्टर्न ब्लॉट, रेपिड परिक्षण (स्पॉट टेस्ट) आदि.

एड्स का उपचार (इलाज) क्या है – Treatment of AIDS in Hindi:

फ़िलहाल एड्स का ऐसा कोई उपचार (इलाज) आया नहीं है फिर भी तरह की दावा का उपयोग करके HIV को विषाणु को ख़त्म करने की कोसिस की जा रही है ताकि शरीर की रोगप्रतिरक्षण क्षमता फिर से मजबूत हो सके और हो सकता है भविष्य में ऐसी कोई दावा बन जाये जिससे HIV को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके पर अभी तक तो बचाव ही AIDS का सबसे बढ़िया इलाज है तो सावधान रहें और निम्न बातों का ध्यान रखें जैसे:
-अपने जीवन साथी के साथ ही संबध बनायें.
-ज्यादा व्यक्तियों से संबध बनाने से बचे और अगर बनते है तो कंडोम का इस्तेमाल करें.
-ध्यान रखें जब भी हॉस्पिटल में आपको सुई लगाई जाये तो हमेशा नयी सुई का ही प्रयोग हो.
-अगर आपको खून की कमी है और खून चढाने की जरुरत पड़ती है तो पहले मालूम कर लें जो खून आपके शरीर में चढ़ाया जा रहा है वह HIV से संक्रमित नहीं होना चाहिए.
18वाँ विश्व एड्स सम्मेलन आस्ट्रलिया की राजधानी वियना में 18-25 जुलाई 2010 तक आयोजित किया गया था इस सम्मेलन का Theme वाक्य था “अधिकार यहाँ, अधिकार अब”?
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