What is "Circulatory System" in hindi - परिसंचरण तंत्र या वाहिकातंत्र?

इस पोस्ट में हम परिसंचरण तंत्र या वाहिकातंत्र (parisancharan tantra) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे जिसे English में "circulatory system" भी कहते हैं यह सभी जानकारी यहाँ hindi भाषा में उपलब्ध करवाई गई है तो चलिए शुरू करते हैं.

circulatory system - परिसंचरण तंत्र?

यहाँ हम चार प्रकार के circulatory system के बारे में आपको बताएँगे जो की निम्न प्रकार है.
1) Open Circulatory System (खुला परिसंचरण तंत्र) :
- इस तंत्र में रक्त बड़े व खुले अवकाशों तथा चैनलों से होकर बहता है.
- उत्तक रक्त के प्रत्यक्ष संपर्क में रहता है.
- रक्त प्रवाह का वेग तथा रक्त दाब बहुत कम रहता है.
- गैसों व पोषक तत्वों का विनिमय, रक्त व उत्तकों के मध्य प्रत्यक्ष रूप से होता है.

यह भी पढ़ें:

2) Single Circulatory System (एकल परिसंचरण तंत्र) :
- एक पूर्ण चक्र के दौरान रक्त हर्दय से केवल एक बार गुजरता है.
- हर्दय केवल विओक्सीजनित रक्त पम्प करता है ! अत: शिरा हर्दय (Venous heart) कहलाता है.
- रक्त का ऑक्सीजनीकरण गिल्स में होता है.
- यह केवल मछलियों में पाया जाता है.
3) Closed Circulatory System (बंद परिसंचरण तंत्र) :
- इस तंत्र में रक्त विभिन्न प्रकोष्ठों (हर्दय व रक्त वाहिनीयां) के एक बंद तंत्र (Closed system) में बहता है.
- रक्त, उत्तकों के प्रत्यक्ष सम्पर्क में नहीं आता है.
- रक्त प्रवाह का वेग रक्त दाब उच्च (अधिक) रहता है.
- गैसें व पोषक तत्व केशिकीय भित्ति से होकर उत्तक-द्रव में पहुँच जाते हैं और वहां से उत्तकों में पहुँचते है.
4) Double Circulatory System (दोहरा परिसंचरण तंत्र) :
- रक्त दो परिपथ पल्मोनरी एवं सिस्टेमेटिक में बहता है.
- हर्दय ऑक्सीजनित (शरीर को) तथा विऑक्सीजनित (फेफड़ों को) दोनों प्रकार का रक्त पंप करता है ! अत: धमनी शिरा हर्दय (arteriovenous heart) कहलाता है.
- रक्त का ऑक्सीजनीकरण फेफड़ों में होता है.
- यह उभयचरों, सरीस्र्पों, पक्षियों तथा स्तनीयों में पाया जाता है.

अन्य उपयोगी जानकारी: