ulfat meaning in hindi - उल्फत का मतलब?

उल्फत (ulfat) एक उर्दू भाषा का शब्द है जिसका मतलब (hindi meaning) प्यार, मोहब्बत से लिया जाता है ! किसी व्यक्ति या वस्तु से अत्यधिक स्नेह या लगाव होने की स्थिति में भी इस शब्द का प्रयोग होता है ! किसी व्यक्ति को यदि किसी से उल्फत होती है तो उसकी मानसिकता उस व्यक्ति के बारे में कुछ ऐसी बन जाती है की वह उसे बहुत अच्छा समझने लगता है, सदा उसके पास रहना चाहता है और उस व्यक्ति की उससे घनिष्ट मित्रता हो जाती है ! इस गहरी दोस्ती या याराना को ही उर्दू शब्द उल्फत परिभाषित करता है ! आपसी प्रेम की इस भावना को ही उर्दू में रिश्ता-ए-उल्फत नाम से भी जाना जाता है.


मुस्लिम धर्म में बहुत सारे बच्चो के नाम भी इस शब्द पर रखे गए है ! उर्दू के बहुत से शायरों ने इस शब्द को अपनी गजल, सेर, और शायरी में स्थान दिया है ! उर्दू में कई सेर है जो उल्फत शब्द से वाकिफ करते है जैसे अपना इश्क दर्शाने को एक प्रेमी द्वारा लिखा गया यह सेर-
1.राज़-ए-उल्फत, सीने में हम, लिए फ़िरते हैं वो,
बयाँ अगर कर दें तो ज़िन्दगी ही संवर जाए !!
एक और शेर जिसमे अपने वतन से उल्फत का रिश्ता बताया गया है -

यह भी देखें:

2. दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फत I
मेरी मिट्टी से भी खुशबू -ए- वतन आएगी I
मिर्जा ग़ालिब, फैज अहमद और फिराक गोरखपुरी आदि महान हस्तियों ने अपनी शायरी में इस शब्द को खूब जगह दी है ! शायरी में उल्फत का प्रयोग इन उदाहरणों से स्पष्ट हो जायेगा-
1.ना छेड किस्सा-ए-उल्फत, बडी लम्बी कहानी है,
मैं ज़माने से नहीं हारा, किसी की बात मानी है
2. उस मुसाफ़िर ने फिर और कोई ठिकाना ना चाहा,
जो इक बार तेरी नज़र-ए-उल्फत में कैद हो गया !
गजल में भी उल्फत शब्द का व्यापक प्रयोग किया गया है ! उल्फत में डूबी हुई एक गजल का उदाहरण है –
ताज तेरे लिए एक मजहर-ए-उल्फत ही सही,
तुझ को इस वादी-ए-रंगीन से अकीदत ही सही,
मेरे महबूब कही और मिला कर मुझसे !
जगजीत सिंह की एक गजल रस्म-ए-उल्फत सिखा गया कोई तो बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो गयी और आज भी लोग उसे बड़े चाव से सुनते है –
दर्द में डूबे हुये नगमे हजारो है
साजे दिल टूट गया हो तो सुनाये कैसे !
बोझ होता जो गमो का तो उठा भी लेते
जिन्दगी बोझ बनी हो तो उठाये कैसे !!

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